पुराने जनम की गाथा

यह कहानी पुराने जनम की है भी और नहीं भी. एक जियापर नाम का गांव था वह पे कारन और अर्जुन नाम के दो भाई थे और वो मर जाते है फिर कभी नहीं आते कारन का एक बीटा होता है सत्यम और अर्जुन का एक बीटा होता है शिवम्.

यह दोनों अपने पिताजी को बहुत काम उम्र में खो देते है इसीलिए वो अपने पिताजी के बारे में जानना चाहते थे बड़े होकर. जब वो बड़े होगये तो वो एक डॉक्टर के पास जाते है वो डॉक्टर नहीं होता वो एक तरह का डॉक्टर ही होता है जो इंसान को उसके पुराने जनम में ले जाता है.

वो दोनों सत्यम और सुंदरम उसके पास जाते है और अपने पिताजी के बारे में जान न चाहते है लेकिन वो डक्टर कहता है ऐसा नहीं हो सकता में तुम्हारे पिताजी के बारे में तो कुछ नहीं बता सकता लेकिन तुम्हारी पुरानी ज़िन्दगी से तुम्हारे बाप का भी कुछ रिश्ता हो सकता है

और में तुम्हे तुम्हारी पिछली जनम में ले जा सकता हूँ. और वो डॉक्टर पाहिले सत्यम को पिछले जनम में ले जाता है और सत्यम देखता है अपने पिछले जनम में वो एक चोर होता है और वो १८००स के टाइम में पिछले जनम पैदा होता है

वो कहता है में शिवम् को भी देख सकता हु वो इस इलाके का पुलिस वाला है. सत्यम और शिवम् में पिछले जनम में बहुत झगड़े होते थे एक बार तो शिवम् न उसे एक गोली भी मार दी थी पिछले जनम में.

एक दिन सत्यम चोरी करने एक घर में जाता है वह ही आआजु बाजू शिवम् आया होता है उसे पता चल जाता है और वो चुपके से बाजू में जाता है और वो उसे देख लेता है और बिना कुछ बोले सीधा सर में गोली मार सेठा है और वो वह पि मर जाता है उसकी माँ वह पे आ जाती है

और कहती है यह मेरा बीटा है और तूने इसे मार दिदिया उसकी माँ ने शिवम् को श्राप दे देती है वो अगले जनम में सत्यम जैसा भेज पायेगा और उसके माँ और बाप बहुत जल्दी ही मर जायेंगे ये देखके उसकी आँख खुल जाती है और वो इस जनम में आ जाता है और उन्हें उनके सवालों का जवाब मिल जाता है.

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